Last Updated Feb - 06 - 2026, 05:55 PM | Source : Fela News
देशभर की छावनियों में सड़कों, भवनों और स्थलों के नामों में व्यापक बदलाव किया गया। नए नाम भारतीय सैन्य परंपरा, वीरता पुरस्कार विजेताओं और ऐतिहासिक नायकों पर आधार
भारतीय सेना ने औपनिवेशिक विरासत से जुड़े नामों को बदलने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। देश की विभिन्न सैन्य छावनियों में स्थित 246 सड़कों, भवनों और प्रमुख स्थलों के नाम परिवर्तित कर उन्हें भारतीय सैन्य इतिहास और परंपरा से जुड़े व्यक्तित्वों के नाम पर रखा गया है। इस पहल का उद्देश्य सैन्य परिसरों में स्वदेशी पहचान को मजबूत करना बताया गया है।
सेना मुख्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार नाम परिवर्तन की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की गई। जिन स्थलों के नाम बदले गए, उनमें ब्रिटिश अधिकारियों, औपनिवेशिक सैन्य इकाइयों और उस दौर की प्रशासनिक पहचान से जुड़े नाम शामिल थे। उनकी जगह अब परमवीर चक्र, अशोक चक्र और अन्य वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों, सैन्य कमांडरों तथा ऐतिहासिक युद्ध अभियानों से जुड़े नाम रखे गए हैं।
बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया में ऐतिहासिक अभिलेख, सैन्य परंपराएं और स्थानीय सैन्य इकाइयों के योगदान को ध्यान में रखा गया। सेना अधिकारियों का कहना है कि नए नाम सैनिकों के मनोबल और राष्ट्रीय गौरव की भावना को सुदृढ़ करेंगे। साथ ही यह कदम सैन्य परिसरों को भारतीय विरासत से अधिक निकटता से जोड़ने का प्रयास भी माना जा रहा है।
इस बीच रक्षा मामलों के जानकारों ने इसे प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव बताया है। उनका कहना है कि औपनिवेशिक काल के नाम लंबे समय से सैन्य ढांचे में मौजूद थे और उन्हें बदलने की मांग समय-समय पर उठती रही थी। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या भविष्य में अन्य सैन्य एवं अर्धसैनिक संस्थानों में भी इसी तरह की पहल देखी जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि नाम परिवर्तन से संबंधित सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं और अद्यतन अभिलेख, मानचित्र तथा संकेतक पट्टिकाएं भी स्थापित की जा रही हैं। स्थानीय स्तर पर भी इकाइयों को निर्देश जारी किए गए हैं ताकि नए नामों का आधिकारिक उपयोग सुनिश्चित हो सके।
बताया जा रहा है कि यह पहल केवल नाम परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि सैन्य इतिहास के भारतीयकरण और वीरता परंपरा के संस्थागत सम्मान की व्यापक नीति का हिस्सा है।
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